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गणपती बाप्पा पुढच्या वर्षी लवकर या, शादाब ने पूरे विश्वास के साथ शहनाज की आंखो में देखते हुए कहा:' अम्मी जब तक मेरे सिर्फ में आखिरी सांस होगी मैं आपका साथ नहीं छोडूंगा। रेशमा ने धीरे से कमरे में झांक कर देखा तो शादाब को लंड सहलाते देखकर उसका रोम रोम मस्ती में सुलग उठा। उसने जान बूझकर जोर जोर से कदम रखे ताकि शादाब उसके आने की आहट सुन सकें। शादाब ने जैसे ही रेशमा के क़दमों की आहट सुनी तो लंड को एक बार जोर से दबाया और हाथ हटा लिया।

बलदेव के अलावा चार सिपाहियों को साथ लेकर इंस्पेक्टर विजय घटनास्थल की ओर रवाना हो गया । संगीता अपार्टमेंट ईस्ट में था, फिर भी घटनास्थल पर पहुंचने में उन्हें दस मिनट से अधिक समय नहीं लगा । बोली – थोड़ा-सा पियूंगी मैं हाँ में सर हिलाया और बियर की एक घूंट ली. मैं पुरी बोतल ख़तम कर चूका था तो वह चोथाई पिने के बाद बोतल मुझे दे दी. मैंने उसको भी पिया और खाली बोतलें बगल में रखते हुए उसको बाँहों में ले लिया.

शादाब के मुंह से अपना नाम सुनकर शहनाज़ बहक गई और उसके शादाब का चेहरा थामकर अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए। शादाब ने बिना देर किए अपनी अम्मी के होंठो कि चूसना शुरु कर दिया। गणपती बाप्पा पुढच्या वर्षी लवकर या शादाब ने ये बात शहनाज़ के सिर पर हाथ रख कर रोते हुए कही तो शहनाज़ ने उसका हाथ अपने सिर पर से हटा दिया और उसके गले लग गई।

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  1. मैं झेंपते हुए बोला – नहीं यार, ऐसी कोई बात नहीं है. तुम सब अपने लाइफ में बिजी हो. इसलिए नहीं हो पाता.
  2. शहनाज उसके कान खींचती हुई बोली: एक तो आज के बाद मुझे अम्मी मत बोलना तेरे मुंह से शहनाज़ ज्यादा अच्छा लगता हैं मुझे, और दूसरी बात सच में बेटा मुझे भी नहीं पता था कि ऐसा हो जाएगा। हम दोनों इसके लिए बराबर जिम्मेदार हैं बस फर्क इतना हैं कि दर्द सिर्फ मुझे हुआ हैं मेरे राजा। करिश्मा कपूर की सेक्सी वीडियो
  3. आपका ये दोस्त आपके लिए कपड़ों की लाइन लगा देगा एक से बढ़कर एक मॉडर्न कपडे, आप बस मसाला कूटने के लिए हान तो करो? शादाब: नहीं अम्मी फेकुंगा नहीं, आप मत खाइए लेकिन आपको मेरी आंखो में आंखे डाल कर अपने हाथ से ये मुझे खिलानी पड़ेगी, बोलो मंजूर ?
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  5. नहीं, नहीं कहा । बाई गाड, ये नहीं कहा था । इसने यही कहा था कि लड़की पहले ही मर चुकी थी लेकिन वो ही मरहूम लड़की गुमशुदा वारिस थी, इस बात को सिर्फ ये साबित कर सकता था और इसी बात की ये उजरत चाहता था । ‘‘कम ऑन बेबी लेट्स गो।’’ लड़की ने कबीर के गाल को प्यार से थपथपाया। जामुनी नोटों को देखकर उसकी आँखें भी चमक उठीं।

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शहनाज़ को बुरा लगा लेकिन उसने भी ऑपचारिकता पूरी करते हुए स्माइल दी। तीनो आमने सामने कुर्सी पर बैठे हुए थे , गर्मी की वजह से एसी में भी शहनाज़ को पसीना अा रहा था शायद धूप में आने की वजह से इसलिए रेहाना बोली:

हुक्म तो उन्हें भी नहीं हुआ था लेकिन पढे लिखें लोग हैं न, इसलिये हर कोई खुद ही अपने आपको पाक साफ साबित करना चाहता था । नहीं ये सब गलत हैं, मुझे ऐसा नहीं सोचना चाहिए वो मेरा सगा बेटा हैं। उफ्फ मेरा बेटा भी तो एक दम मेरे सपनों के राजकुमार जैसा ही है क्या करू कैसे रोकु खुद को, कहीं ऐसा ना हो कि रेशमा उसे बिगाड़ ही दे। और वो कमीनी औरतें भी तो उसका नंबर लेकर गई हैं ! क्या करू ??

गणपती बाप्पा पुढच्या वर्षी लवकर या,मगर उस गुनाह की छाप तो रूबीना के तन बदन पर पड़ चुकी थी. अब वो अपने आप को जितना भी सॉफ करती मगर रस था कि निकलता ही जा रहा था.

वह मर्द है । तुमसे मुहब्बत करता है । वह तुम्हें बाक्स में सिनेमा दिखाने लाया था, बाद में तुम्हें नटराज में डिनर के लिये ले जाने वाला था, बदले में उसने अगर कोई छोटी मोटी हरकत कर भी दी तो कौन सी आफत आ गई ?

तभी गेट पर नॉक हुआ तो शहनाज ने दरवाजा खोल दिया और शादाब सब सामान लेकर अंदर अा गया। शहनाज ने उसे वसीम के आने के बारे में बताया तो शादाब खुश हुआ और बोला:हिंदी सेक्सी रोमांटिक फिल्म

एक नौकर था बस, वो भी दो दिन से छुट्टी पे गया है । उसका यहाँ कोई नहीं था, यह बात जगाधरी ने मुझे बताया था सांई । मैं- सच यार, कल की रात गजब थी। ये रूप की देवियाँ हमारे नसीबों में कहाँ से आ गईं। और अब हम इन दोनों का फायदा नहीं उठा पाए तो सबसे बड़े गधे हैं। जब इतना हो गया है तो आगे भी हो जाएगा। माना कि बहुत मुश्किल होगा दोनों को मनाना, पर होके रहेगा भाई, चाहे जबरदस्ती ही क्यों न करना पड़े।

अजय समझ गया कि शादाब का मन उसे घर ले जाने का नहीं है, वजह चाहे जो भी हो अजय ने शादाब से पूछना बेहतर नहीं समझा और बोला:

शहनाज़ की खुशी का आज कोई ठिकाना नहीं था इसलिए रेशमा के जाने के बाद उसने अपनी सास का मुंह चूम लिया। दादा दादी बहुत खुश हुए और शादाब भी ये सब देखकर मुस्कुरा दिया ।,गणपती बाप्पा पुढच्या वर्षी लवकर या उसकी वजह से न आया । आया तो वो देवसरे की वजह से ही लेकिन अब इसका क्या किया जाए कि उसे यहां मीनू दिखाई दे गयी ।

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