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मोटी औरत के बीएफ

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रचना: अरे तुम अपने ही घर की हो तभी तो उन्होंने अपने दिल की बात तुमसे कह दी और कोई बाहर वाले से ऐसा थोड़े ही बोल सकते थे। मैं सोच रही थी की गुलबिया ने नहीं देखा लेकिन तब तक एक लड़का , और वो पहले वाले से भी ज्यादा ( अगर बसंती की बोलीं में तो कहूं तो जबरदस्त चोदू ) लग रहा था।

आज वो मौक़ा था और टाइम भी थी। फिर मेरी भाभी को गारी देने का रिश्ता उनका भी था और मेरा भी। मेरी भाभी थीं तो उनकी छोटी ननद। मोटी औरत के बीएफ देर कहाँ बेटा, मैं तो जल्दी आ गया वरना तो अभी 4-5 दिन और लगने थे वहाँ लेकिन मुझे माधुरी को लेकर तुम्हारे माआंटी के घर जाना है इसलिए जल्दी आना पड़ गया,अरे हाँ माधुरी तुम अपनी पकिंग कर लो हमें अभी 3 बजे की गाड़ी से ही निकलना है समझी राजेश बोले

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  3. अब वो दोनों आऽऽऽहहह कर रही थीं और अब बुलबुल खूल्लम ख़ूल्ला मेरे लौड़े पर अपनी बुर पैंट के ऊपर से रगड़ रही थी और उसकी कमर हिले जा रही थी। अब मैं बोला: चलो बिस्तर पर चलते हैं। वो दोनों मुस्करायीं और साधना बोली: चलो आपने मुझे इतना गरम कर दिया है कि अब बिना चुदवाने मुझे चैन नहीं आने वाला। यह कहकर राज बोला: आऽऽऽऽऽऽहहह क्या चूस रही हो। हाऽऽय्य्य्य्य मैं गयाआऽऽऽऽऽऽ । और वह उसके मुँह में झड़ने लगा। रश्मि ने एक बूँद भी बाहर गिरने नहीं दिया और पूरा वीर्य गटक गयी। फिर रश्मि ने उसके लौड़े को बड़े प्यार से चाटकर साफ़ किया।
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  5. दीदी वो मेरा एक दोस्त है जिसे आप नहीं जानती जब आप हमारे घर आएँगी तो मैं आप को उसे मिलवा दूँगीमाधुरी बात को टालते हुए बोली शशी हँसकर बोली: बस मस्ती कर रही थी। पर सच में बहुत सीधी लड़की है आपकी बहू । आपको उसको छोड़ देना चाहिए।

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वह धीरे से उठी और कपड़े पहनने लगी. मैंने भी उठ कर अपने कपड़े पहन लिये. हम खेतों के बाहर आ कर ट्रैक्टर तक आये और अम्मा बर्तन उठाने में लग गयी. बरतन जमाते जमाते बोली रात को मेरे कमरे में एक बार आ जाना. मैंने पूछा मां रात को फिर चूत मरवाएगी? मां ने जवाब नहीं दिया, बोली प्रीति को तो तू चोदता होगा?

राज: तो चलो आराम करो। दोपहर को आना और साथ में खाना खाएँगे, और नवविवाहितों को आशीर्वाद दे देना। क्योंकि वो दोनो रात को ही गोवा जा रहे हैं। तू मेरी चिंता मत कर अपनी सोच मुझे जितना दर्द होना था हो चुका लेकिन भैया जब तेरी गांड मरेंगे तब तेरा क्या हाल होगा वैसे भी तेरी गांड मेरी गांड से बड़ी है और भैया को बड़ी गंदे मरने का बहुत शौक है, क्यों भैया मैंने सही कहा ना? पूजा बोली

मोटी औरत के बीएफ,जाँघे अभी भी दुःख रही थीं ,सुनील और चुन्नू ने मिल के इतने जोर जोर के धक्के लगाए थे , बस किसी तरह सुनील का सहारा लेकर मैं उठी अपने कपडे बस ऐसे ही तन पर टांग लिए। जोर से पिछवाड़े चिलख उठी ,इस सुनील का खूंटा साला है ही इतना मोटा।

हां, मां से अब मैं कई बार अप्राकृतिक मैथुन याने गुदा मैथुन करता हूं, उसकी गांड मारता हूं. उसे यह हमेशा करना अच्छा नहीं लगता पर कभी कभी जब वह मूड में हो तो ऐसा करने देती है. खास कर अपने माहवारी के दिनों में.

मुन्नी बोली- अरे तेरी जरूरत को समझते हुए मैंने ऐसा कहा। तुझे इस समय किसी मर्द की जरूरत है। अब जब घर में ही मर्द मौजूद हो तो क्यों नही उसका लाभ उठा जाए।ब्लू फिल्म ब्लू सेक्सी फिल्म

इसी तरह कई दिन बीत गए। उस दिन क़रीब दोपहर के १ बजे थे। राज अपने कमरे ने टीवी देख रहा था और वह सोफ़े पर बैठी अपनी माँ से फ़ोन पर बातें कर रहीं थी। कमला काम करके जा चुकी थी। तभी घंटी बजी और वह उठी और दरवाजे के पास आकर बोली: कौन है? राज ने अपनी योजना पर और विचार किया और अब अपने आप पर ही मुस्कुरा पड़ा और सोचा कि सच में मेरा दिमाग़ भी मेरे जैसा ही कमीना है। क्या ज़बरदस्त आइडिया आया है।

शशी एक मिनट के लिए झिझकी और दूसरे ही पल जैसे कुछ निर्णय ले लिया हो वह आकर उसकी गोद में बैठ गयी, और अपना मुँह उसकी छाती में छिपा ली। उसके बदन से तेज़ पसीने की गंध आ रही थी जिससे वह मस्त होने लगा।

हाये दैय्या,,,!! ये क्या ,,,,??? इतना मोटा, और इतना लम्बा ! ये कैसे हो गया रे, तेरे जीजा का तो बित्ते भर का भी नही है, और यहां तु बेलन के जैसा ले के घुम रहा है।,मोटी औरत के बीएफ मंजूर ,मैं आप की गुलाम बन जाउंगी , आप की सब बात मानूंगी। भौजी प्लीज। मैं बस उनके पाँव नहीं पड़ी और भौजी पसीज गईं।

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