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ग्रामपंचायत निवडणूक 2020

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डॉली की गुस्से वाली आँखों ने मुझे एहसास करा दिया कि बेटा.. अब चुप हो जा.. वर्ना ये जन्मदिन को मरण दिन बनने में ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा। अब उस समय मैं कहाँ पिछे हटने वाला था और मैने भी कह दिया कि कंचन दीदी तुम भाई बहेन की बात मत करो अभी. सिर्फ़ मरद और औरत की बात करो. मैं भी मरद हूँ और काफ़ी दिन से बुर का भूखा हूँ. अगर तुम्हारी नही मिलेगी तो अपनी सहेली की ही दिलवा दो.

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