பெண்கள் உள்ளாடை

मासिक पाळी स्वच्छता दिवस

मासिक पाळी स्वच्छता दिवस, तो यह और भी अच्च्छा है. कल सुबह उसे ले कर आ जाना और मैने फोन बंद कर दिया. आग'ले दिन वह 10:30 बजे मधु को ले कर आ गयी. मैने दरवाज़ा खोला और उन्हें अंदर आ'ने दिया. जब हम बैठक में आए तो मैने रूचि से कहा की , एक मिनट के अन्दर दोनों दरवाजे की तरफ लपके, मैं एक कोने में खड़ी हो गई। जब वो भागे उनकी नज़र मेरे पर गई, नीलेश कपड़े हाथ में लिए आगे था

ये सब देखते-देखते कुछ ही देर में मेरे लंड से भी पानी निकल गया। मैं अपने लंड को हाथ में पकड़े हुए वापस अपने बिस्तर में आ गया। एक दिन सब सो रहे थे तो मैं सिद्रा बाजी के रूम में गया वो सो रही थीं मैं बाजी के साथ लेट गया और उन से चिपक गया.

कमरे में घुसते ही देखा कि कमरा काफी सज़ा हुआ था। चारों तरफ फूल ही फूल थे। बेड भी सुहाग सेज़ की तरह सज़ा हुआ था। बेड पे मेरी दुल्हन यानी प्रीती, लाल रंग का जोड़ा पहने, घूँघट निकाले हुए बैठी थी। कमरे में पर्फयूम की सुगंध फैली हुई थी। मेरे कदमों की आवाज़ सुन कर उसने अपना सिर उठाया। मासिक पाळी स्वच्छता दिवस ललिता ने आँखों से इशारा किया, आने दो अशोक के लौड़े ने पिचकारी पर पिचकारी मारनी शुरू कर दी। ललिता का पूरा मुँह वीर्य से भर गया सारा पानी वो गटक गई। अशोक ने लंबी सांस लेते हुए लौड़ा बाहर निकाला और बेड पर बैठ गया।

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  1. ललिता- जानती हूँ, शरद को बताती, तो वो मेरी बात आराम से मान लेते पर तुमको ये लगता कि शरद को क्या फ़र्क पड़ता है, उसको तो सिम्मी गई और मिल गई…। बहन तो तुम्हारी खोई है, इसलिए मैंने सोचा तुम मान गए तो सब मान जाएँगे।
  2. मेरे हाथ उसके शरीर को सहला रहे थे। मेरे होंठ उसके होंठों पे थे और मेरी जीभ उसके मुँह में उसकी जीभ के साथ खेल रही थी। मैंने अपना मुँह उसकी छातियों के बीच छुपा दिया और उसके मम्मे चूसने लगा। एक हाथ से उसके मम्मों को जोर से भींचता तो उसके मुँह से सिस्करी निकल पड़ती, ओहहहहहह राजजजजज!!!!!! ಫಕಿಂಗ್ ವಿಡಿಯೋಸ್
  3. सुधीर- बस भाई यही कहानी है, इतना बोलकर मैं वहाँ से निकल गया था। रात को पता चला उसने अपने आप को खत्म कर लिया। हम बहुत डर गए थे इसलिए कई दिन तक छुपे रहे। अमर- बस अब लौड़ा बहुत गर्म हो गया है। साली की गाण्ड को फाड़ता हूँ अभी, मेरी बहन से ज़्यादा खूबसूरत बनने की सज़ा तो इसको मिलनी ही चाहिए…!
  4. मासिक पाळी स्वच्छता दिवस...नहीं सर! ऐसा कुछ नहीं है, बस अपने बदन पर थोड़ा पर्फ्यूम छिड़का है और ये ड्रेस अपनी सहेली से उधार ली है ताकि मैं पार्टी में तमाशा ना बन जाऊँ, आयेशा ने जवाब दिया। रहने दें मैडम! मुझे बुरा नहीं लगा, आबिदा टेबल पर नाश्ता लगाते हुए बोली, ये मुझे हमेशा ऐसे ही बुलाते हैं, पहले तो बुरा लगता था पर अब शायद मैं आदी हो गयी हूँ।
  5. अमर- आ आ..हह.. चोदो आ..हह.. मेरी दोनों बहनों को एक साथ चुदाई करो उफ्फ मज़ा आ रहा है, रचना माय डार्लिंग काश तुम होश में होतीं… उफ्फ देखो ललिता हाय रूही मेरी जान! एम-डी ने उसे गले लगाते हुए कह।, तुम पहले से भी कहीं ज्यादा खूबसूरत और जवान लग रही हो।

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डार्लिंग! किसी ना किसी दिन तो डालना ही है तो... आज ही क्यों नहीं? हाँ शुरू में थोड़ा दर्द होगा पर बाद में मज़ा ही मज़ा आयेगा, ये कहकर मैंने अपने लंड का दबाव धीरे से बढ़ाया। जैसे ही मेरा लंड उसकी गाँड में घुसा वो दर्द के मरे चिल्ला पड़ी, राज निकाल लो, बहुत दर्द हो रहा है।

पापा एक प्राइवेट बैंक में उच्च पद पर हैं और मम्मी सरकारी नौकरी में हैं। इस नये शहर में आकर पापा ने जानबूझ कर शहर से बाहर शान्ति भरे माहौल में एक बंगला खरीदा था। शरद- जान.. वो कोई छोटा-मोटा आदमी नहीं है बड़ी-बड़ी हिट फ़िल्में बनाई हैं और रही उसकी हरकत की बात, तो मैंने पहले ही कहा था इस लाइन में ये सब आम बात है। वो तुमको आजमा रहा था, अगर तुम कुछ बोलतीं, तो वो मना कर देता ! समझी?

मासिक पाळी स्वच्छता दिवस,खाक मज़ा आया, तुझे पता भी है तू वहाँ क्या कर रही थी? वो लड़के तेरी वीडियो भी उतार रहे थे... और तो और.. उन्होने मेरे साथ.... कहते हुए दिया फिर रोने लगी

बहुत दम है तेरे में? मैं भी तो देखूं ज़रा कहते हुए उस आदमी ने दिया पे झपट्टा मारा. जैसे ही उस ने दिया को छुआ, उसको भी ज़ोर से एक बिजली का झटका लगा और वो भी दूर जा गिरा.

मेरे ऑफिस में कई लड़कियाँ थीं जिन्हें मैं चोदना चाहता था। इस बात ने मेरा काम और आसान कर दिया था। ये सोच मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गयी थी।भावपूर्ण श्रद्धांजली आजी मराठी

वो मेरे लौड़े को चचोरते हुए बोलती जा रही थी- चेतन मेरे भाई, तुम्हारा लंड सच में बहुत ही मजेदार है और मुझे चूसने में बहुत अच्छा लग रहा है। तुम्हारे इस खडे लंड को देखने और चूसने से मेरी पैंटी गीली महसूस हो रही है। अरे समीर तुम ! तुम यहाँ !!! आँचल को मालूम था कि समीर को यहाँ ज्यादा लोग नहीं जानते तो फिर वो पार्टी में कैसे आया ?

भाभी : भाई थोड़ा ज़ोर दो थोड़ा सा आह आराम से भाई थोड़ा थोड़ा डालो मेरी गान्ड में हां ऐसे ह्म्म भाई आराम से हां थोड़ा बाहर निकाल के फिर ज़ोर दो अंदर ह्म्म आह भाई मज़ा आ रहा है धीरे धीरे प्लीज़ हां भाई आराम से ज़ोर दो और दो ज़ोर डालो थोडा अंदर ह्म्म भाई मज़ा आ रहा है ह्म्म्म्.

भाभी की बातें सुन कर में भी फारिग हो गया मेरा लंड भाभी की गान्ड मेरी कम से भर रहा था और भाभी की फुद्दि गरम पानी की फुहार निकाल रही थीं भाभी की कम टाँगों पे बह रही थी भाभी बहुत सेक्सी लग रही थीं भाभी की गान्ड रेड हो चुकी थी मेरे थप्पड़ खा कर.,मासिक पाळी स्वच्छता दिवस नहीं राज, आज शबनम को तुम्हारे लंड का मज़ा लेने दो। मैं तो कईं महीनों से मज़ा ले रही हूँ, नीता ने जवाब दिया।

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